जापान में 15 मई 1932 को जापानी इंपीरियल नेवी के कुछ युवा अफसरों ने इंपीरियल आर्मी के कुछ जवानों और ?लीग ऑफ ब्लड? के सदस्यों की मदद से तख्तापलट का प्रयास किया था, जिसे दुनिया ?मई 15 प्रसंग? के नाम से जानती है।
दरअसल 1930 में हुई लंदन नौसैन्य संधि के चलते जापानी इंपीरियल नेवी का आकार सीमित किए जाने से जूनियर अफसरों में रोष व्याप्त था और वे तख्तापलट करते हुए सैन्य शासन स्थापित करना चाहते थे। इसमें उन्हें अतिराष्ट्रवादी इनोइ निस्शो और उनकी ?लीग ऑफ ब्लड? का भी समर्थन मिला, जो जापान में अग्रणी राजनेताओं और कारोबारियों को मारते हुए ?शोवा रेस्टोरेशन? व्यवस्था लाने की योजना बना रहे थे।
15 मई 1932 को नौसेना के 11 युवा अफसरों ने आर्मी के कुछ जवानों और दक्षिणपंथी नागरिक तत्वों की मदद से प्रधानमंत्री आवास पर धावा बोल दिया और प्रधानमंत्री इनुकोई त्सुयोशि की हत्या कर दी। उनकी योजना महान अभिनेता चार्ली चैप्लिन को भी मारने की थी, जो एक दिन पहले ही जापान पहुंचे थे और उस दिन प्रधानमंत्री के साथ भोज में शामिल होने वाले थे। इस हत्याकांड के वक्त चैप्लिन प्रधानमंत्री के बेटे इनुकाई तकेरु के साथ सूमो कुश्ती का मैच देख रहे थे, इसलिए उनकी जान बच गई। प्रधानमंत्री की हत्या के बाद विद्रोही नौसैनिकों ने आत्मसमर्पण कर दिया।
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